किडनी इन्फेक्शन: कारण, लक्षण, उपचार और बचाव
किडनी इन्फेक्शन: कारण, लक्षण, उपचार और बचाव
Kidney Infection: Causes, Symptoms, Treatment, and Prevention
परिचय (Introduction)
किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं, जो रक्त को फ़िल्टर करके अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती हैं। जब किडनी में संक्रमण (इन्फेक्शन) हो जाता है, तो इसे पायलोनेफ्राइटिस (Pyelonephritis) कहा जाता है। यह संक्रमण बैक्टीरिया के कारण होता है और यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
Kidneys are vital organs that filter waste from the blood and excrete it through urine. When the kidneys get infected, it is known as pyelonephritis. This infection is usually caused by bacteria and can lead to serious complications if not treated in time.
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किडनी संक्रमण के कारण (Causes of Kidney Infection)
1. बैक्टीरिया का संक्रमण (Bacterial Infection)
सबसे आम कारण ई. कोलाई (E. Coli) बैक्टीरिया होता है, जो मूत्रमार्ग (Urinary Tract) के माध्यम से किडनी तक पहुँचता है।
The most common cause is E. Coli bacteria, which travels through the urinary tract to the kidneys.
2. मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI – Urinary Tract Infection)
अगर पेशाब में संक्रमण (UTI) को ठीक से इलाज नहीं किया जाता, तो यह संक्रमण किडनी तक फैल सकता है।
If a urinary tract infection (UTI) is not treated properly, it can spread to the kidneys.
3. पेशाब रोककर रखना (Holding Urine for Long Periods)
लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने से बैक्टीरिया पनप सकते हैं और संक्रमण हो सकता है।
Holding urine for too long allows bacteria to multiply, leading to infection.
4. कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Weak Immune System)
डायबिटीज, एचआईवी, या अन्य बीमारियों से कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली किडनी संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती है।
A weak immune system due to diabetes, HIV, or other illnesses increases the risk of kidney infection.
5. गुर्दे की पथरी (Kidney Stones)
गुर्दे की पथरी पेशाब के प्रवाह को रोक सकती है, जिससे बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं और संक्रमण हो सकता है।
Kidney stones can block urine flow, allowing bacteria to accumulate and cause infection.
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लक्षण (Symptoms of Kidney Infection)
1. तेज बुखार और ठंड लगना (High Fever and Chills)
किडनी संक्रमण के दौरान बुखार 101°F से अधिक हो सकता है।
A fever above 101°F along with chills is common in kidney infections.
2. पीठ या कमर में दर्द (Back or Side Pain)
किडनी के पास दर्द महसूस होना एक महत्वपूर्ण संकेत है।
Pain near the kidneys in the lower back or sides is a major symptom.
3. बार-बार पेशाब आना (Frequent Urination)
संक्रमण के कारण बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
Infection leads to frequent urination.
4. पेशाब में जलन और खून आना (Burning Sensation and Blood in Urine)
पेशाब करते समय जलन और खून आना संक्रमण का संकेत हो सकता है।
A burning sensation or blood in urine is a sign of infection.
5. मितली और उल्टी (Nausea and Vomiting)
संक्रमण के कारण जी मिचलाना और उल्टी हो सकती है।
Nausea and vomiting may occur due to infection.
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उपचार (Treatment of Kidney Infection)
1. एंटीबायोटिक दवाएँ (Antibiotics)
डॉक्टर आमतौर पर सिप्रोफ्लोक्सासिन (Ciprofloxacin), एमोक्सिसिलिन (Amoxicillin), या नाइट्रोफ्यूरेंटोइन (Nitrofurantoin) जैसी एंटीबायोटिक्स लिखते हैं।
संक्रमण को ठीक करने के लिए दवाएँ 7-14 दिनों तक ली जाती हैं।
Doctors usually prescribe antibiotics like Ciprofloxacin, Amoxicillin, or Nitrofurantoin for 7-14 days.
2. दर्द निवारक दवाएँ (Pain Relievers)
पैरासिटामोल (Paracetamol) या इबुप्रोफेन (Ibuprofen) दर्द और बुखार को कम करने में सहायक होती हैं।
Pain relievers like Paracetamol or Ibuprofen help reduce fever and pain.
3. तरल पदार्थ अधिक मात्रा में लें (Increase Fluid Intake)
भरपूर मात्रा में पानी पीने से बैक्टीरिया पेशाब के साथ बाहर निकल जाते हैं।
नारियल पानी, छाछ, और जूस फायदेमंद होते हैं।
Drinking plenty of water helps flush out bacteria. Coconut water, buttermilk, and juices are beneficial.
4. हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत (Hospitalization, if Severe)
यदि संक्रमण गंभीर हो, तो IV एंटीबायोटिक्स और फ्लूइड दिए जा सकते हैं।
In severe cases, hospitalization with IV antibiotics and fluids may be necessary.
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घरेलू उपचार (Home Remedies for Kidney Infection)
1. नारियल पानी (Coconut Water)
नारियल पानी बैक्टीरिया को मारने और संक्रमण को कम करने में मदद करता है।
Coconut water helps fight bacteria and reduce infection.
2. करौंदा या क्रैनबेरी जूस (Cranberry Juice)
क्रैनबेरी जूस बैक्टीरिया को किडनी की दीवारों से चिपकने से रोकता है।
Cranberry juice prevents bacteria from sticking to kidney walls.
3. हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk)
हल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो संक्रमण को दूर करने में सहायक हैं।
Turmeric milk has antibacterial properties that help fight infection.
4. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)
सेब का सिरका पेशाब में एसिडिटी बढ़ाकर बैक्टीरिया को खत्म करता है।
Apple cider vinegar increases urine acidity and kills bacteria.
5. तुलसी का रस (Basil Juice)
तुलसी के रस में एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाते हैं।
Basil juice has antibiotic properties that help prevent infections.
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बचाव के तरीके (Prevention of Kidney Infection)
1. पर्याप्त पानी पिएं (Drink Plenty of Water)
रोज़ाना 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि बैक्टीरिया बाहर निकल जाएँ।
Drink 8-10 glasses of water daily to flush out bacteria.
2. स्वच्छता बनाए रखें (Maintain Hygiene)
पेशाब करने के बाद और शौचालय का उपयोग करने के बाद सफाई का विशेष ध्यान रखें।
Maintain hygiene after urination and bowel movements.
3. पेशाब को रोककर न रखें (Do Not Hold Urine)
बार-बार पेशाब करने से बैक्टीरिया बाहर निकलते रहते हैं।
Frequent urination helps flush out bacteria.
4. स्वस्थ आहार लें (Eat a Healthy Diet)
फल, सब्जियाँ और प्रोबायोटिक फूड्स का सेवन करें।
Consume fruits, vegetables, and probiotic foods.
5. मूत्र संक्रमण (UTI) का सही समय पर इलाज करें (Treat UTI on Time)
अगर UTI के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Seek medical help if UTI symptoms appear.
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निष्कर्ष (Conclusion)
किडनी संक्रमण एक गंभीर समस्या है, लेकिन सही समय पर इलाज और बचाव से इसे रोका जा सकता है। पर्याप्त पानी पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और किसी भी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें। यदि आपको बार-बार किडनी संक्रमण हो रहा है, तो डॉक्टर से परामर्श लें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
Kidney infections are serious but can be prevented with proper treatment and precautions. Drink enough water, maintain hygiene, and seek medical advice if symptoms appear. If you experience frequent kidney infections, consult a doctor for proper guidance.
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