किस उम्र में कितनी शुगर होना चाहिए

 ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) का स्तर स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक है, जो यह दर्शाता है कि हमारे शरीर में ग्लूकोज का स्तर सही है या नहीं। शुगर लेवल को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि इसकी कमी या अधिकता कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। विभिन्न आयु वर्गों के लिए ब्लड शुगर का सामान्य स्तर अलग-अलग हो सकता है। इस लेख में हम विभिन्न उम्र के लोगों के लिए सामान्य ब्लड शुगर चार्ट, इसके महत्व, और शुगर लेवल को नियंत्रित रखने के तरीकों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।


ब्लड शुगर स्तर क्या है?


ब्लड शुगर का अर्थ है रक्त में मौजूद ग्लूकोज का स्तर। ग्लूकोज शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है और इसे हम मुख्य रूप से भोजन से प्राप्त करते हैं। जब हम खाना खाते हैं, तो शरीर उस भोजन को तोड़कर ग्लूकोज में बदल देता है। यह ग्लूकोज रक्त में अवशोषित होता है और शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचता है। इंसुलिन नामक हार्मोन इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यह ग्लूकोज को कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करता है।


सामान्य ब्लड शुगर स्तर (आयु के अनुसार)


ब्लड शुगर के स्तर को मापने के लिए आमतौर पर तीन परिस्थितियों में परीक्षण किया जाता है: खाली पेट (फास्टिंग), खाने के बाद (पोस्टप्रांडियल), और HbA1c टेस्ट। प्रत्येक आयु वर्ग के लिए सामान्य स्तर निम्न प्रकार हो सकते हैं:


1. बच्चों के लिए (0-12 वर्ष):


फास्टिंग शुगर लेवल: 70-100 mg/dL


खाने के बाद: 90-140 mg/dL


HbA1c (तीन महीने का औसत): 4-5.9%



2. किशोरों और युवा वयस्कों के लिए (13-35 वर्ष):


फास्टिंग शुगर लेवल: 70-110 mg/dL


खाने के बाद: 90-140 mg/dL


HbA1c: 4-5.9%



3. वयस्कों के लिए (36-60 वर्ष):


फास्टिंग शुगर लेवल: 70-120 mg/dL


खाने के बाद: 90-160 mg/dL


HbA1c: 4-6%



4. वरिष्ठ नागरिकों के लिए (60 वर्ष से अधिक):


फास्टिंग शुगर लेवल: 80-140 mg/dL


खाने के बाद: 100-180 mg/dL


HbA1c: 6.5% तक



ब्लड शुगर का उच्च स्तर (हाइपरग्लाइसीमिया)


जब रक्त में शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो इसे हाइपरग्लाइसीमिया कहा जाता है। इसके मुख्य लक्षण हैं:


बार-बार प्यास लगना


बार-बार पेशाब आना


थकान महसूस करना


दृष्टि धुंधली होना


वजन कम होना



हाइपरग्लाइसीमिया लंबे समय तक बने रहने पर डायबिटीज जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए सही आहार, व्यायाम और दवा का सेवन जरूरी है।


ब्लड शुगर का कम स्तर (हाइपोग्लाइसीमिया)


जब रक्त में शुगर का स्तर सामान्य से कम हो जाता है, तो इसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है। इसके मुख्य लक्षण हैं:


कमजोरी महसूस होना


चक्कर आना


पसीना आना


हृदय गति तेज होना


भ्रमित महसूस करना



हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में तुरंत ग्लूकोज या मीठा पदार्थ लेना चाहिए।


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